Kitni Haen

by Dharmendra Rajmangal

Overview:

ये है मेरा कहानी संग्रह -कितनी हैं-. इस संग्रह है पच्चीस कहानियां हैं, जो मेरे शुरूआती नौसिखिया लेखन की निशानी हैं. इन पच्चीस कहानियों में आपको हर तरह की कहानी मिलेगी. जिसमें आप.....more


IN STOCK
Available in an instant post payment

Share

Format : PDF Free!!! Get Book

More information about the book

Book synopsis/description:

ये है मेरा कहानी संग्रह -कितनी हैं-. इस संग्रह है पच्चीस कहानियां हैं, जो मेरे शुरूआती नौसिखिया लेखन की निशानी हैं. इन पच्चीस कहानियों में आपको हर तरह की कहानी मिलेगी. जिसमें आप ख़ुश होएँगे. थोडा रोयेंगे. हसेंगे भी खूब. सोचने पर मजबूर भी हो जायेंगे. एकाध कहानी आपको किसी की याद भी दिला देगी.
और एक बात और. आपको इन कहानियों में कुछ कमी भी नजर आएगी. तो कृपया नाराज़ न होना. क्योंकि ये मेरी शुरूआती कहानी है. जिनमें अपरिपक्वता भरी हुई है. मैं चाहता तो इन्हें फिर से सम्पादित कर सकता था. लेकिन फिर इनमें वो भाव नहीं होता जो अब मौजूद है.
मुझे उम्मीद है आप इन सब गलतियों को भुलाकर कहानी की अंदरूनी तह को समझेंगे. आप के लिए ही तो लिखता हूँ. फिर आप नहीं पढेंगे तो कौन पढ़ेगा? शुक्रिया.

About the author:

Dharmendra Rajmangal is a Hindi writer, was born (28 june 1993) in Hathras District Uttar Pradesh. He is first writer of his village Panchayat, history of 100 Years. Mangal Bazaar is his first published Novel. and second novel - swapnadosh-the night fail is as ebook.

Other details:

ISBN 9781370610112
Category Fiction and Literature
Language Hindi
Edition First
Published in 2017
Publisher Dharmendra Rajmangal
Tags dharmendra rajmangal , Dharmendra Rajmangal Books , Dharmendra Rajmangal Ki Hindi Kahani , Hindi Kahani , Kitni Haen , Free books

Other books in this category:

O'Hara's Choice Lucid Dream: The Journey Resumes Love Runs In Evil Under The Sun Wilt in Nowhere Altoddi ani Poltoddi The English Patient How long have u got?
Copyright ©2016 DogearsEtc. All rights reserved.