कुछ पल जीवन के... (Kuch Pal Jeevan Ke...)

by Satish Nangia

Overview:

एक यांत्रिकी अभियंता, एक कविता संग्रह! दूसरा, तीसरा संस्करण तैयार है, एक पुस्तक भी करीब तीन महीने दूर है| कहते हैं जीवन में चलते रहो, कर्म प्रधान रहो| अपने जुनून को जीवित रखो| प्रयत्न जारी रहे, चेष्टा करते रहें| मुझे ५० वर्ष लगे| यदि मैं अभियंता न होता तो शायद एक कुर्ता धारी कवि या कल.....more


IN STOCK
Available in 2 - 4 weeks

This book is for sale within India only

Share

Format : Paperback (Brand New)
Rs. 250.0 + Shipping
Buy

Other available formats

Format ISBN Price  
EPUB 9789384129880 Rs. 199.0 view
PDF 97893884129903 Rs. 199.0 view

More information about the book

Book synopsis/description:

एक यांत्रिकी अभियंता, एक कविता संग्रह! दूसरा, तीसरा संस्करण तैयार है, एक पुस्तक भी करीब तीन महीने दूर है|

कहते हैं जीवन में चलते रहो, कर्म प्रधान रहो| अपने जुनून को जीवित रखो| प्रयत्न जारी रहे, चेष्टा करते रहें| मुझे ५० वर्ष लगे|

यदि मैं अभियंता न होता तो शायद एक कुर्ता धारी कवि या कलाकार होता|


Other details:

ISBN 9789384129941
Category Poetry
Language Hindi
Edition First
Published in 2015
Publisher CinnamonTeal Publishing
Condition Brand New
Pages 110
Width 5.83 inches
Height 8.27 inches

Other books in this category:

The Works of Manohar Rai Sardessai : A Meeting Point Between India and France Coldnoon: Travel Poetics, Summer 2013 The Fingers Remember Mirgavenno Tujea Moga Khatir The Betrayal Moonlight Sannata- poem-like writings Catharsis
Copyright ©2016 DogearsEtc. All rights reserved.